आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण एवं स्थलीय निरीक्षण के पश्चात कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ आपदा से हुई क्षति, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान मानसून सीजन में जनपद में कुल 459 सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें सभी को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया था। वहीं गत दिनों हुई भारी बारिश से 18 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिनमें अधिकांश पर यातायात बहाल कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री ने शेष मार्गों को भी शीघ्र पूर्ण रूप से सुचारु करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेला क्षेत्र में सड़क वॉशआउट, पीपलघाट में जलभराव तथा चाकीसैंण क्षेत्र के मजरा महादेव के समीप क्षतिग्रस्त सड़क की स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आपदा से हुई क्षति, राहत वितरण एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद में आपदा के कारण 04 जनहानि, 20 पशुहानि, 09 पूर्ण भवन क्षति, 368 आंशिक भवन क्षति, 1.691 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षति हुई है तथा 43 परिवार प्रभावित हुए हैं। कैबिनेट मंत्री ने प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही अनुग्रह सहायता की समीक्षा करते हुए पात्र प्रभावितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि थलीसैंण क्षेत्र आपदा से सर्वाधिक प्रभावित रहा है, इसलिए यहां राहत एवं पुनर्वास कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी को निर्देशित किया गया कि ढूंगरी, रिखोली, डोबरा एवं बगेली क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित अस्थायी ठिकानों पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ढूंगरी एवं बगेली क्षेत्रों में भू-गर्भीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने तथा विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को नानघाट एवं श्रीनगर क्षेत्र की प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए। साथ ही ढूंगरी, चमगांव एवं मंडेली क्षेत्रों में भी निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने आपदा से प्रभावित विद्युत लाइनों, पोलों एवं ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग महिपाल सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पाबौ शिवम मित्तल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।